दीपावली पूजन विधि व शुभ मुहूर्त 

दीपावली पूजन विधि व शुभ मुहूर्त -दीपावली हिन्दुओं का प्रमुख त्यौहार है। पौराणिक कथाओं के अनुसार दिवाली के दिन ही भगवान राम 12 वर्ष का वर्षों का वनवास समाप्त कर माता सीता व भाई लक्ष्मण के साथ अयोध्या वापस आये थे। भगवान् राम के आने की खुशी में अयोध्या वासियों से पूरी अयोध्या को घी के दीये जलाकर अपनी ख़ुशी जाहिर की थी कहा जाता है की इस दिन के बाद प्रत्येक वर्ष इसी तिथि को सभी लोग दीपावली के रूप में मनाने लगे। दीपावली खुशियों का त्यौहार है। दीपावली को पूरा भारत देश बहुत उत्साह और हर्ष से मनाता है। इस दिन पूरा देश दीपों से जगमगाता नजर आता है। दिवाली को खुशियों और रोशनी का त्यौहार भी कहते है। प्रत्येक हिन्दू के लिए दिवाली का त्यौहार बहुत ही ख़ास होता है। इस दिन हम सभी प्रकार के द्वेषों को मन से निकल कर एक दुसरे के गले मिलते और मिठाई खिलते है।

दीपावली पूजन विधि व शुभ मुहूर्त –

दिवाली के एक दो दिन पहले से ही लोग अपने घरों की साफ़ सफाई करने लगते है हर कोई अपने घर को अच्छी प्रकार से साफ़ कर खूब सजाते है। किन्तु दीपावली की शाम को प्रत्येक घर में गणेश और देवी लक्ष्मी की विधिवत पूजा की जाती है। तो आइये जानते है दीपावली पूजन विधि व शुभ मुहूर्त –

दीपावली पूजन विधि व शुभ मुहूर्त 

साल 2021 को दीपावली का त्यौहार 4 नवम्बर को मनाया जायेगा। दिवाली वाले दिन गणेश और देवी लक्ष्मी पूजन का शुभ मुहूर्त शाम 6 बजकर 9 मिनट से रात 08 बजकर 20 मिनट तक रहेगा। अगर पूजन विधि की बात करे तो शाम को पूजा वाले स्थान को एक जग पानी में तोडा सा सेंधा नमक डाल कर साफ़ करे। सेंधा नमक से पूजा स्थली साफ़ करने का महत्त्व वह की नकारात्मक ऊर्जा को ख़त्म करना है। पोछा करने के बाद पूजा वाले स्थान पर गंगाजल से छिड़काव करें फिर वहा  पर रंगोली बनायें। गणेश लक्ष्मी को स्थापित करने से पहले पूजा स्थली में लाल कपड़ा बिछाकर ही देवी लक्ष्मी और श्री गणेश को स्थापित करें। माता के चरणों में कुमकुम और चावल अर्पित कर कलश रखे। कलश के अंदर थोड़े से चावल एक एक रूपये का सिक्का और गंगाजल डाल कर रख दें। पूजा शुरू करने से पहले माँ के चरणों में फूल ,9 धी के दीये  ,श्रृंगार की वस्तुएँ ,कौड़ी ,सोने व चाँदी के आभूषण आदि पास में रख दें। आप सभी जानते है की देवी लक्ष्मी को धन और वैभव की देवी कहा जाता है। आभूषण आदि रखने से घर में धन और वैभव की बढ़ोत्तरी होती है। श्री गणेश देवी लक्ष्मी के दंतक पुत्र है जिस कारण दीपावली के दिन भगवान् गणेश की पूजा देवी लक्ष्मी के साथ में होती है। दीये जलाने के उपरान्त सर्वप्रथम श्री गणेश आरती करें फिर देवी लक्ष्मी की आरती करें। माँ लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए देवी के मन्त्रों का 108 बार जाप करे। पूजा के बाद सबको प्रसाद अवश्य दें।

 माँ लक्ष्मी को प्रसन्न करने का महामंत्र –

ॐ श्रीं ल्कीं महालक्ष्मी महालक्ष्मी ऐहोंही सर्व सौभाग्यं देहि में स्वाहा।

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