मेडिटेशन या ध्यान क्या है || जानिये ध्यान के चमत्कारी फायदे

मेडिटेशन या ध्यान क्या है – मेडिटेशन मतलब ध्यान है। जिसने कई वर्षों से लोगों का ध्यान अपनी और खींचा है और आपको यह जानकर ख़ुशी होगी की मैडिटेशन की शुरुआत हमारे भारत में ही हुई थी। विश्व में मैडिटेशन का सबसे पुराना प्रमाण हमारे वेदों में ही पाया गया है। मेडिटेशन ही वह प्रक्रिया है जिसके माध्यम से हमारे प्राचीन ऋषि ,मुनि परमात्मा की प्राप्ति कर पाते थे। मैडिटेशन के माध्यम से हमारे प्राचीन गुरुओ ने विभिन्न प्रकार की खोजें और आविष्कार किये। जिन्हे देखकर आज भी हमारे आधुनिक वैज्ञानिक हैरान है। की ये लोग बिना एडवांस टेक्नोलॉजी के कैसे पृथ्वी से सूरज तक की दूरी नाप लेते थे। ऐसे हजारों उदाहरण है जिनका पता आधुनिक वैज्ञानिक नहीं लगा पा रहे है की कैसे ये लोग इतने शक्तिशाली थे। अब आप जानेंगे मेडिटेशन क्या है।

मेडिटेशन या ध्यान क्या है ?

मेडिटेशन को हिंदी भाषा में ध्यान कहते है। मैडिटेशन का सीधा मतलब होता है अपने मन को काबू करना। हमारे पूरे शरीर में हमारा मन ही है जो कभी भी स्थिर नहीं होता है। रात को सोते समय भी हमारा मन नहीं सोता है जिस कारण से हमे सपने आते है। मन को काबू करने के लिए ही मेडिटेशन किया जाता है। मेडिटेशन एक ऐसी प्रक्रिया है जिसके माध्यम से गौतम बुद्ध और विवेकानन्द जैसे महानायकों ने पूरे विश्व में अपनी महानता के कारण भारत देश को उजागर किया। हम ये नहीं कह रहे है की मेडिटेशन से आप महान बन सकते हो किन्तु हो। किन्तु अगर हम इतिहास को देखें तो वो सभी लोग मेडिटेशन किया करते थे।  जिन्हे हम आज महान पुरुषों में से गिनते है। मेडिटेशन या ध्यान क्या है। यह तो आप जान ही गये है अब आप मैडिटेशन के इतिहास के बारे में जानोगे।

मेडिटेशन का इतिहास –

बहुत कम ही लोग ये जानते है की मेडिटेशन या ध्यान क्या है व इसकी कला कहा से विकसित हुई क्योकि मेडिटेशन का प्रयोग स्वयं भगवान् शिव करते थे। जिसका जिक्र शिवपुराण में हमे देखने को मिलता हैं। किन्तु अगर पृथ्वी की बात की जाए तो मेडिटेशन के सबसे प्राचीन प्रमाण भारत में ही देखने को मिलते है। भारत में ध्यान की उत्त्पति  साक्ष्य आज से लगभग 5000 ईसा पूर्व की बनी मूर्ती कलाओं में मिलती हैं। जो ध्यान की मुद्रा में हैं। भारत में ध्यान या मेडिटेशन का जिक्र वेदों और पुराणों में भी मिलता है जो ध्यान की मुद्रा में बनी मूर्तियों से भी प्राचीन है। जिस कारण से हमारे भारत में ध्यान शब्द कोई नया नहीं है। प्राचीन शिक्षा व्यवस्था में गुरुकुलों में पढ़ाई होती थी। जहाँ गुरु अपने शिष्यों को अन्य विषयों के साथ -साथ मेडिटेशन या ध्यान करना सिखाते थे। मेडिटेशन का इतिहास बहुत पुराना है जिसको हम एक लेख में माध्यम से नहीं बटोर सकते है।

मेडिटेशन में आधुनिक खोज –

मेडिटेशन या ध्यान बहुत प्राचीन कला है जो आप जान चुके है। मेडिटेशन के चमत्कारों और फायदों को देखते हुए हमारे आधुनिक वैज्ञानिकों ने भी इसके बारे में रिसर्च करने की ठानी। जिसमे उन्होंने तरह -तरह के प्रयोग किये जिसमे से एक प्रयोग रोजाना मेडिटेशन या ध्यान करने वाले कुछ बौद्ध भिक्षुओं में किया गया। जिसमे ये पाया गया की जो बौद्ध भिक्षु नियमित मेडिटेशन या ध्यान करते है उनकी यादशक्ति ,दर्द को सहने की क्षमता और बुद्धि सामान्य लोगों की तुलना में कई गुना अधिक थी। ऐसे ही वैज्ञानिकों ने मैडिटेशन या ध्यान पर बहुत से शोध किये और हर बार यही पाया की मेडिटेशन करने वाले व्यक्तियों की बुद्धि प्रबलता और यादशक्ति सामान्य मनुष्यों की तुलना में बहुत अधिक होती है। अब अब वैज्ञानिकों ने भी मान लिया है की मेडिटेशन किसी मिरेकल से काम नहीं है। ज्यादातर डॉक्टर माइग्रेन और एंजाइटी से पीड़ित रोगियों को मैडिटेशन या ध्यान करने की सलाह देते है।

मेडिटेशन के फायदे –

मेडिटेशन या ध्यान के इतने फायदे है की इनको लिख कर बता पाना संभव नहीं है किन्तु मैंने मेडिटेशन में जो कुछ मैंने अनुभव किया तथा कुछ लोगो के दिए गए प्रमाणों के अनुसार मेडिटेशन या ध्यान के कुछ फायदों के बारे बतायेंगे। हम मेडिटेशन या ध्यान के फायदे आपको क्रमबद्ध तरीके से बताएंगे जिससे आपको पढ़ने में आसानी होगी।

मैडिटेशन से स्वास्थ्य ठीक करें –

आज कल के भाग -दौड़ भरे जीवन में लोगों ने खूब तरक्की खूब पैसा भई कमाया किन्तु उन पैसों से सुकून  अच्छा स्वास्थ्य नहीं खरीदा जा सकता है। यदि आप अपने आप को पूर्णतः स्वास्थ्य रखना चाहते है तो आप मेडिटेशन या ध्यान का सहारा ले सकते है। मेडिटेशन क्या है यह बात तो आप जान चुके है। मैडिटेशन से आप अपने आप को बिना दवाये खाये ही पूर्णतः स्वस्थ्य रख सकते है। मेडिटेशन या ध्यान के नियमित प्रयोग से आप अपने जीवन में एक अलग सी रौशनी या चमक महसूस करेंगे जो आप करोड़ों रूपये खर्च करके भी नहीं पा सकते है। मेडिटेशन करने की विधि हम आपको आगे बतायेगे इसलिए पोस्ट को पूरा पढ़े।

मेडिटेशन से तनाव ठीक करें –

मेडिटेशन या ध्यान करने से मस्तिष्क की माँसपेशियाँ शांत हो जाती है जिससे किसी भी प्रकार के तनाव को ठीक किया जा सकता है। तनाव होने पर हमारे मस्तिष्क की माँसपेशियाँ उग्र हो जाती है इसलिए सिर हमेसा भारी और गर्म महसूस होता है। ऐसे में यदि आप किसी भी शांत जगह में बैठकर रोजाना 5 से 10 मिनट मेडिटेशन या ध्यान करते है तो एक से दो सप्ताह में ही आप किसी भी प्रकार के तनाव से मुक्त हो जायेगे। एक से दो दिन में आपको फर्क समझ आने लगेगा।

मेडिटेशन से मन शांत करें –

मेडिटेशन या ध्यान के कितने फायदे है इस बात को अब विज्ञान भी मानता है किन्तु ये बात हमारे पूर्वज युगों -युगों से जानते थे। फिर भी हम सभी इसका फायदा नहीं उठाते और सिर्फ सुकून के लिए लाखों रूपये खर्च कर देते है। यदि काम करते समय या पढाई करते समय आपका मन इधर -उधर भटकता है। तो आपको नियमित मेडिटेशन या ध्यान करना चाहिए। इससे आपका मन तो शांत होगा ही बल्कि पहले से तरोताज़ा भी महसूस होगा।

मेडिटेशन से परमात्मा को पायें –

मेडिटेशन या ध्यान क्या है इस बात से हम अंजान हो सकते है किन्तु हमारे पूर्वजो को ध्यान का पूरा घ्यान था। हम अक्सर सुनते है की ऋषि मुनि जंगलों में रहते थे और सालों साल तपस्या करते थे और फिर एक समय ऐसा अत था की खुद भगवान् उन्हें दर्शन देते थे। ऐसा अभी भी संभव हो सकता है और अब आपको जंगल जाने की भी जरूरत नहीं पड़ेगी। बल्कि आप अपने घर के किसी शांत जगह में बैठकर अपने परमात्मा को याद कर मेडिटेशन या ध्यान कर सकते है।

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मेडिटेशन से धन की प्राप्ति –

मेडिटेशन से धन की प्राप्ति सुनकर थोड़ा अजीब लग रहा होगा किन्तु मेरे दोस्त ऐसा संभव है मेडिटेशन या ध्यान हमारी इच्छाशक्ति के अनुसार कार्य करता है। हम मन में जो भी सोचकर मेडिटेशन या ध्यान करते है वो वस्तु हमारी ओर आकर्षित होने लगती है। यदि आपको धन चाहिए तो नियमित मन में ये ठान कर मेडिटेशन करें की आप बहुत धनवान है और आप देखेंगे की दिन प्रतिदिन आपकी आय में बढोत्तरी होने लगी है। इसे बहुत से लोगो ने किया है आप भी कर सकते है।

मेडिटेशन से तेजबुद्धि करें –

हम मनुष्य अपने पूरे जीवनकाल में अपनी बुद्धि का सिर्फ एक प्रतिशत भाग ही इस्तेमाल कर सकते है। क्योंकि हमे पता ही नहीं होता की अपनी बुद्धि का सही इस्तेमाल कैसे करें। आप सभी ने स्वामी विवेकानंद जी के बारे में तो सुना ही होगा। हम आपको बता दे की स्वामी विवेकानंद एक बार किसी पुस्तक को पढ़ लेते थे तो उन्हें वो पुस्तक हमेशा के लिए याद हो जाती थी। ऐसा आपके लिए कर पाना असंभव सा है। किन्तु स्वामी विवेकानंद जी के लिए ये सब बहुत आसान था। ऐसा सिर्फ मेडिटेशन या ध्यान के कारण ही। स्वामी विवेकानंद नियमित तथा वो अपने ज्यादातर खाली समय में ध्यान करते थे। उन्होंने एक नारा दिया था। वेदों की ओर लौटों क्योंकि उन्हें पता था की हमारे वेदों में अपार शक्तियाँ हैं जिससे हम अंजान है। अतः मेडिटेशन या ध्यान करने से हमारे मस्तिष्क की रक्त कोशिकाएं तेजी से विकसित होती है और हमारी बुद्धि दिन प्रतिदिन तेज होती जाती है।

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मेडिटेशन या ध्यान करने की विधि –

मेडिटेशन या ध्यान क्या है -जब भी हम मेडिटेशन या ध्यान का नाम सुनते है तो हमे लगता है जंगल जाकर एक पेड़ के नीचे अकेले बैठकर हमे मेडिटेशन या ध्यान करना है जिस कारण हम मेडिटेशन या ध्यान से कतराने लगते है किन्तु ऐसा बिल्कुल भी नहीं है। आप अपने घर में ही ध्यान कर सकते है बशर्ते बस अपने घर में आपको मेडिटेशन या ध्यान करने के लिए एक साफ़ -स्वच्छ और शांत जगह का चुनाव करना होगा। मेडिटेशन या ध्यान करने की विधि हम आपको क्रमवार बतायेगे जिससे आपको समझने में आसानी होगी।

1 .सर्वप्रथम घर में कोई साफ़ -स्वच्छ और शांत जगह चुने और एक मैट बिछाकर आराम से बैठ जाये।

2 .अब आपको पालथी लगाकर शांत मुद्रा में बैठ जाना है। याद रहे ध्यान मुद्रा में बैठे समय अपनी  रीढ़ की हड्डी एकदम सीढ़ी रखें।

3 .अब आपको अपनी आँखे बंद करनी है आँखे बंद करते ही आपको तरह तरह के विचार आने लगेंगे उनको रोकने के लिए आपको आपकी साँस पर ध्यान देना है। अंदर ही अंदर महसूस करना है की आप कैसे साँस ले रहे है इसके अलावा आपको कुछ नहीं सोचना हैं

4 .साँसो में ध्यान देते -देते थोड़ी ही देर में आप ध्यान मुद्रा में खो जायेगे। आप पाएंगे की आप किसी ब्रम्हांड में गुम रहे या कोई चमकदार किरण आपको दिखाई देगी। मेडिटेशन या ध्यान मुद्रा में सबका अलग – अलग अनुभव होता है।

5 .आरम्भ में आप चार से पांच मिनट करने की कोशिश करें। जैसे -जैसे आप दक्ष होते जाए आप अपने अनुसार समय को बढ़ा सकते हैं।

6 .मेडिटेशन या ध्यान कई प्रकार के होते है हमने आपको एकदम बेसिक लेवल बताया है पहले आप इसे करने की कोशिश करे जब आप बेसिक लेवल ध्यान सीख जाते है तो आप एडवांस लेवल में आ सकते है। एडवांस लेवल मेडिटेशन या ध्यान क्या है इसके बारे में हमने आपको दुसरे लेख में बताया है। आप लिंक में जाकर पढ़ सकते है।

मेडिटेशन के प्रकार –

मेडिटेशन या ध्यान कई प्रकार के होते है। जो अलग -अलग परम्पराओं में या अलग -अलग इच्छा को रख कर किया जाता है हमने आपको मेडिटेशन या ध्यान के कुछ प्रकार बताये है जिन्हे आप पढ़ सकते है।

1 .बेसिक मेडिटेशन –

जब आप मेडिटेशन करना शुरू करते हो तब आप एकदम बेसिक से शुरू करते हो इस लेवल को हम अपनी भाषा में बेसिक लेवल मेडिटेशन कहते है। बेसिक मेडिटेशन में आप 4 से 5 मिनट तक मेडिटेशन करते हो।

2 .जैन मेडिटेशन –

इस मेडिटेशन को जैन परम्परा के लोग करते है। आपकी जानकारी के लिए बता दे की जैन एक धर्म है जिसकी शुरुआत ऋषभ देव ने की थी। जैन धर्म के लोगो में मेडिटेशन या ध्यान का ख़ास महत्व होता है। इनके यह ख़ास प्रकार से मेडिटेशन सिखाया जाता है। जिसे हम जैन मेडिटेशन कहते है।

3 .कुंडलिनी योग मेडिटेशन –

कुंडलिनी योग मेडिटेशन ध्यान और योग का मिला जुला रूप है इसमें कुण्डिलिनी मुद्रा में बैठकर ध्यान किया जाता है जिससे सोइ हुई शक्तियों को जाग्रत किया जाता है। कुंडलिनी योग मुद्रा को जगाने के लिए 7 चक्रों से गुजरना पड़ता है। इस पूरे प्रोसेस को हम कुंडलिनी योग मेडिटेशन कहते है। यह एक एडवांस लेवल का मेडिटेशन है जिसको करने के लिए आपको बेसिक मेडिटेशन सीखना बहुत जरूरी है।

4 .मंत्र मेडिटेशन –

मंत्र मेडिटेशन में मेडिटेशन या ध्यान करते समय किसी एक महत्वपूर्ण मंत्र का जाप किया जाता है जिसे आप सिद्ध करना चाहते है ,जैसे – ॐ या ॐ नमः शिवाय

5 .आध्यात्मिक मेडिटेशन –

यह बेसिक मेडिटेशन जैसा ही होता है जब आप मेडिटेशन या ध्यान करते करते आध्यात्म को प्राप्त कर लेते हो तो उसे आध्यात्मिक मेडिटेशन कह दिया जाता है।

6 .माइंडफुलनेस मेडिटेशन –

इस मेडिटेशन को अपने आप को मानसिक रूप से मजबूत बनाने या तरोताजा महसूस करने के लिया किया जाता है। इसे भी आप बेसिक मेडिटेशन कह सकते है।

मेडिटेशन या ध्यान करने का सही समय – 

वैसे तो मेडिटेशन आप किसी भी समय कर सकते है। मेडिटेशन या ध्यान आप कुर्सी में भी बैठकर कर सकते है। बशर्ते आपकी रीढ़ की हड्डी सीधी होने चाहिए। यदि आप ऑफिस में या कही बाहर है और आपको बेचैनी हो रही है तो 2 से 3 मिनट आंख बंद करके ड़याँ मुद्रा में बैठकर ध्यान कर सकते है इससे आपका मन शांत होगा और आप पुनः तरोताजा महसूस करेंगे। किन्तु मेडिटेशन या ध्यान का सबसे सर्वोत्तम समय सुबह का माना जाता है। सुबह सूर्य उगने से पहले मेडिटेशन करने से यह आपकी बुद्धि को तेज और इन्द्रियों को खोलता है। सुबह मेडिटेशन करने से सुबह की एनर्जी आपको दोगुनी प्राप्त होगी। सुबह के साथ -साथ यदि आप रात को सोने से पहले मैडिटेशन करते है तो आप कुछ अलग ही अनुभव कर पाएंगे। रात को मैडिटेशन करने से आपका मस्तिष्क शांत होता है जिससे अच्छी नींद आती है। अनिद्रा जैसी समस्या होने पर आप रात में मेडिटेशन अवश्य करे। इससे आपको जल्द राहत होगी।

लोगो द्वारा पूछे गए कुछ सवाल –

1 .मेडिटेशन कहा पर करें ?

उत्तर – मेडिटेशन आप कही भी कर सकते है। किन्तु मेडिटेशन या ध्यान करने के लिए आप एकदम शांत जगह का चुनाव करे जहाँ  शोरगुल न हो और आपको कोई डिस्टर्ब भी न करें।

2 .क्या मेडिटेशन या ध्यान करते समय मेडिटेशन म्यूजिक सुन सकते है ?

उत्तर –बिना म्यूजिक के मेडिटेशन सबसे अच्छा होता है किन्तु यदि शुरुआत में मेडिटेशन करते समय आपका मन इधर -उधर भटकता है तो आप मेडिटेशन म्यूजिक का सहारा ले सकते है।

 

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