मलेरिया के लक्षण ,कारण और इलाज

मलेरिया के लक्षण व मलेरिया क्या है -मलेरिया एक बहुत ही कॉमन बीमारी है जिसके बारे में आप लोगो ने जरूर सुना होगा। इस खतरनाक बीमारी से आप या फिर आपके आस पास कोई न कोई अवश्य संक्रमित हुआ होगा। मलेरिया संक्रमित मादा एनाफिलीज नाम में मच्छर के काटने से होता है यह मच्छर ज्यादातर रात को ही काटता है मलेरिया प्लाज्मोडियम नाम के पैरासाइट (प्रोटोजोवा )से होने वाली बीमारी है ज्यादातर बारिश की मौसम में लोग मलेरिया से ग्रसित होते है क्योकि ये मच्छर बारिश से जमा पानी में अधिक पनपते है। यह रोग गर्म स्थानों अर्थात उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में पाया जाता है जैसे- भारत ,श्रीलंका,नेपाल ,चीन ,रूस ,अफ्रीकी देश ,आस्ट्रेलिया आदि गर्म प्रदेश हैं इसलिए यह मलेरिया बहुत तेजी से फैलता है।

वर्ल्ड हेल्थ ओर्गनइजेशन की रिपोर्ट के अनुसार – (मलेरिया के लक्षण व मलेरिया क्या है )-

विश्व स्वास्थ संगठन के अनुसार दिसम्बर 2016 में जारी की गयी रिपोर्ट के मुताबिक मलेरिया के कुल 21 करोड़ मामले सामने आयें जिसमे से 42,000 मौंते हुईं। विश्व स्वास्थ संगठन के अनुसार दक्षिण पूर्व एशिया में कुल मलेरिया के मामलों में 77 प्रतिशत मरीज सिर्फ भारत में है यह रोज मुख्य रूप से पूर्वोत्तर राज्यों ,राजस्थान ,उड़ीसा ,मध्य प्रदेश ,छत्तीसगढ़ ,कर्नाटक ,गुजरात व उत्तर प्रदेश में देखा गया।

मलेरिया का इतिहास –

मलेरिया इटालियन भाषा के शब्द माला एरिया से निकला है इसका हिंदी मतलब गन्दी हवा है पहले के लोगों का मानना था की मलेरिया गन्दी गन्दी हवा से होता है फिर सन 1880 में चार्ल्स अल्फोंस लैवेरिन नामक वैज्ञानिक ने मलेरिया का अध्ययन किया जिससे पता चला की मलेरिया संक्रमित मादा एनाफिलीज नाम में मच्छर के काटने से होता है।

विश्व मलेरिया दिवस 25 अप्रैल को मनाया जाता है।

मलेरिया कैसे होता है –

मलेरिया संक्रमित मादा एनाफिलीज नाम में मच्छर के काटने से होता है यह मच्छर ज्यादातर रात को ही काटता है मलेरिया ब्लड ट्रांसफ्यूजन के द्वारा भी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है यदि कोई महिला गर्भवती है और उसे मलेरिया हो जाता है तो ब्लड ट्रांसफ्यूजन के जरिये उसके गर्भ में पल रहे बच्चे को भी मलेरिया हो सकता है इसलिए जिस भी व्यक्ति को मलेरिया हुआ है वह एक साल तक ब्लड डोनेट नहीं कर सकता है

मलेरिया होने के कारण –

मलेरिया एक संक्रमण जनित बीमारी है इसके वैक्टीरिया भोजन ,कपड़ो व हाथों के संपर्क से भी आप तक पहुंच सकते है इसलिए मलेरिया के रोगी से दुरी बनाकर रखे। मलेरिया आपको कई तरह से हो सकता है जैसे –

-मच्छरों से मलेरिया –

मुख्य रूप से मलेरिया संक्रमित मादा एनाफिलीज नाम में मच्छर के काटने से होता है परन्तु कुछ सामान्य मच्छरों के काटने से भी मलेरिया हो जाता है उदाहरण से समझिए -जब मलेरिया से संक्रमित किसी व्यक्ति को कोई सामान्य मच्छर काटना है तो वह मच्छर भी मलेरिया संक्रमित हो जाता है फिर वो जिन जिन लोगों को काटता है वो सभी लोग भी मलेरिया से संक्रमित हो जाते है।

मलेरिया के लक्षण

-संक्रमण से मलेरिया –

मलेरिया के वैक्टीरिया बहुत तेजी से फैलते है यदि आप मलेरिया से पीड़ित व्यक्ति के कपडे इस्तेमाल करते है व उसका जूठा भोजन करते है तो आप भी मलेरिया संक्रमित हो सकते है।

-मखियों से मलेरिया –

किसी भी बीमारी को फैलाने में मखियों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है क्योकि ये हमारे आस -पास एकत्रित कचरे में अधिक मात्रा में मौजूद होती है जो किसी भी बीमारी को एक जगह से दूसरी जगह ले जाती है ये पहले मलेरिया संक्रमित व्यक्ति के भोजन व फलों आदि में बैठती है फिर ये संक्रमण के साथ किसी हेल्थी व्यक्ति के भोजन व फलों आदि में बैठकर संक्रमण फैला देती है।

मलेरिया बुखार के प्रकार –मलेरिया फ़ैलाने वाला प्लाज्मोडियम पैरासाइट चार प्रकार के होते है यानि मलेरिया बुखार चार प्रकार के होते है जो इस प्रकार है –

1 .प्लास्मोडियम फेल्सिफेरम –यह सबसे खतरनाक परजीवी है और सबसे ज्यादा मौतें भी इसी परजीवी या प्लास्मोडियम के कारण होती है इसमें कुछ गंभीर लक्षण होते है जैसे -लगातार तेज बुखार ,सिर दर्द और उल्टी आदि इसमें दिमाग में भी असर पड़ता है जिसके कारण इस रोग से पीड़ित व्यक्ति बेसुध हो जाता है और बेहोशी में उल्टी -सीधी बातें करता है।

2 .प्लास्मोडियम विवैक्स – इस प्लास्मोडियम या परजीवी से भी काफी लोग प्रभावित होते है इसमें प्लास्मोडियम फेल्सिफेरम जैसे ही कुछ लक्षण दिखाई देते है जो बहुत खतरनाक होते है।

3 .प्लास्मोडियम ओवेल मलेरिया –हमारे भारत देश में इस प्लास्मोडियम से पीड़ित मरीज लगभग न के बराबर है।

4 .प्लास्मोडियम मलेरिया –यह मलेरिया उतना खतरनाक नहीं होता है जितना प्लास्मोडियम फेल्सिफेरम और प्लास्मोडियम विवैक्स होते है। इसमें व्यक्ति को सामान्य बुखार होता है एवं जल्दी ही ठीक भी हो जाता है।

मलेरिया के लक्षण-

मलेरिया से पीड़ित व्यक्ति को अचानक ठण्ड व कपकंपी लगती है और इसके कुछ ही देर बाद बुखार आ जाता है यह बुखार लगभग 3 से 4 घंटे तक रहता है फिर पसीना आकर बुखार उतर जाता है यह प्रक्रिया दिन में 2 बार व रात में 2 बार होती है प्रत्येक मरीज में सामन्यतः मलेरिया के लक्षण एक जैसे ही होते है कुछ लोगो में ये लक्षण कम या ज्यादा हो सकते है जो इस प्रकार है –

मलेरिया के लक्षण

-सिर व हाथ पैरो में तेज दर्द होना।

-जी मिचलाना व उल्टी आना।

-कमजोरी व थकान महसूस होना।

-चक्कर आना।

-शरीर में खून की कमी होना।

-साँस फूलना।

-आँखों की पुतलियों का रंग पीला हो जाना।

-किसी भी चीज में स्वाद न आना।

-अधिक चिड़चिड़ापन होना।

-चेहरा मुरझा जाना।

मलेरिया से बचाव कैसे करे –

कुछ बातों को ध्यान में रखकर हम मलेरिया जैसी खतरनाक बीमारी से बच सकते हैं।

-घरों के आस पास सफाई रखे कहीं भी कचरा व गन्दा पानी इकट्ठा न होने दे।

-अपने मोहल्ले की सफाई का पूरा ध्यान रखे व समय -समय पर डी.डी.टी. का छिड़काव करे जिससे पानी में पनप रहे मच्छरों के लार्वा मर जाये।

-कपड़ो व बर्तनों की सफाई का ध्यान रखे।

-खिड़कियों व दरवाजे में जालियां लगवा ले जिससे मच्छर अंदर न घुसे।

-सप्ताह में एक बार पानी की टंकी व कूलर के पानी को साफ़ जरूर करे।

-शाम को हाथ पैरों में फुल कपड़ें पहने जिससे मच्छर न काटें।

-खाने को साफ़ व सुरक्षित जगह पर ही रखे।

-रात को सोते समय मच्छरदानी व मच्छर लोशन का प्रयोग करे।

-मलेरिया से संक्रमित व्यक्ति से दूरी बनाकर रखे।

-यदि आपके गर में कोई व्यक्ति मलेरिया संक्रमित है तो उसके कपड़े न पहने व उसका जूठा भोजन न खाएं क्योकि उसके भोजन व कपड़ो में मलेरिया वैक्टीरिया हो सकते है।

मलेरिया की जाँच –

आपका बुखार मलेरिया है या नहीं यह जानने के लिए आप ये तीन तरीके अपना सकते है जो इस प्रकार है –

1 .मलेरिया पैरासाइट टेस्ट –इस टेस्ट के माध्यम से आपके ब्लड सैंपल को लेकर स्लाइड पर स्टीमर बना कर उसको माइक्रोस्कोप में देखा जाता है जिससे रेड ब्लड सेल्स में मौजूद प्लास्मोडियम पैरासाइट का पता लगाया जाता है यह टेस्ट सबसे सस्ता और सबसे अच्छा होता है ज्यादातर डॉक्टर आपको यही टेस्ट कराने की सलाह देते है।

2 .मलेरिया एंटीजन टेस्ट –यह टेस्ट रैपिड किट से होता है जो प्रेग्नेंसी किट की तरह होता है इस टेस्ट के माध्यम से 10 मिनट में आपको रिजल्ट का पता चल  जाता है इस टेस्ट के माध्यम से ब्लड में मौजूद प्लास्मोडियम एंटीजन का पता लगाया जाता है यह टेस्ट भी ज्यादा महगाँ नहीं है और आप इसे आसानी से किसी नजदीकी हॉस्पिटल या पैथोलॉजी में करा सकते है।

मलेरिया के लक्षण

3 .मलेरिया RT -PCR टेस्ट –इस टेस्ट के माध्यम से मलेरिया के एंटीजन व एंटीबाडी को डिटेक्ट करते है यह बहुत ही रेयर होता है जब मरीज अधिक गंभीर होता है और उसमे मलेरिया के कई सारे लक्षण दिखाई देते है तब डॉक्टर आपको इस टेस्ट को कराने की सलाह से है।

मलेरिया की दवा –

मलेरिया के लक्षण व प्रभाव के अनुसार डॉक्टर मरीज को अलग -अलग तरह की दवा देते है बच्चों को मलेरिया होने पर डॉक्टर बहुत हार्ड दवा न देकर हल्के डोज देते है जबकि वयस्क लोगो की खुराक अलग होती है मलेरिया होने पर  कुनैन परिवार की क्लोरोक्विन नाम की दवा बहुत प्रभावी और सस्ती मानी जाती है  परन्तु आप इस दवा को डॉक्टर से सलाह के बाद ही ले। क्योकि प्रत्येक उम्र की अलग-अलग डोज होती है मलेरिया होने पर आप तुरंत अपने नजदीकी डॉक्टर से मिले और परामर्श के बाद ही दवा ले।

मलेरिया ठीक करने के घरेलु उपचार – 

मलेरिया एक खतरनाक और गंभीर बीमारी है कभी -कभी समय पर इलाज न मिलने पर मलेरिया से मौत तक हो जाती है कुछ लोगो में मलेरिया ज्यादा गंभीर होता है परन्तु कुछ लोगो में यह सामान्य होता है यदि आप मलेरिया के सामान्य लक्षणों से प्रभावित है तो कुछ घरेलु उपायों को अपनाकर आप इसे ठीक कर सकते है।

1 .गिलोय का सेवन –

मलेरिया में गिलोय रामबाण की तरह काम करती है मलेरिया में आप गिलोय की डाल को कुचलकर इसका काढ़ा बना कर पी सकते है या फिर आप गिलोय की पत्तियों का जूस बनाकर भी आप इसे ले सकते है मलेरिया को ठीक करने में यह बहुत फायदेमंद साबित होती है।

2 .तुलसी का सेवन –

तुलसी में बुखार को ठीक करने के गुण पाएं जाते है आप तुलसी की 8 -10 पत्तियों को काली मिर्च के साथ पीस ले फिर आप इसे शहद के साथ सुबह शाम दवा  ले सकते है।

3 .अदरक और किशमिश का सेवन –

एक टुकड़ा अदरक और 2 चम्मच किशमिश को एक गिलास पानी में उबालें जब यह पकते -पकते आधा बचे तो इस मिश्रण को दिन में दो बार पिये।

4 . हरसिंगार का सेवन –

हरसिंगार के 2 -3 पत्तों को अदरक के रस के साथ पीस ले इसमें थोड़ी सी चीनी मिलाकर दिन में एक बार सेवन करे।

5 .मेथी का सेवन –

मेथी से  बुखार ठीक करना एक अच्छा उपाय मन जाता है इसमें प्रतिरक्षा प्रणाली बढ़ाने के गुण भी पाएं जाते है इसके सेवन से मलेरिया जल्दी ठीक हो जाता है इसलिए जब आपको मलेरिया हो तो मेथी को अपने भोजन में जरूर शामिल करे।

यदि आपको बार बार मलेरिया हो जाता है बहुत दवा खाने के बाद भी यह बार -बार वापस आ जाता है तो आप इन घरेलु उपायों को अपना कर मलेरिया के चक्र को तोड़ सकते है

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