धनतेरस पूजन विधि और शुभ मुहूर्त 

धनतेरस पूजन विधि और शुभ मुहूर्त – धनरतेरस भारत के प्रमुख हिन्दू त्योहारों में से एक है। पांच दिनों तक चलने वाले इस त्यौहार के पहले ही दिन धनतेरस के नाम से मनाया जाता है। इस वर्ष कार्तिक त्रयोदशी को धनतेरस का त्यौहार मनाया जा रहा है। कहा जाता है की  भगवान् धन्वंतरि का जन्म हुआ था इस कारण इस दिन हर कोई भगवान धन्वंतरि की पूजा करता है।

धनतेरस की कुछ पौराणिक कथाएं

एक कथा के अनुसार एक बार भगवान् विष्णु ने माँ लक्ष्मी को श्राप दिया था जिसके अनुसार देवी लक्ष्मी को तेरह वर्षों तक एक किसान के घर में रहना था। माँ लक्ष्मी को किसान के यहा रहने से किसान का घर धन और वैभव से भर गया। देवी लक्ष्मी की कृपा से किसान खूब धनवान हो गया। तेरह वर्ष पूरे होने के बाद भगवान् विष्णु देवी लक्ष्मी को लेने आये तो किसान माँ लक्ष्मी के पैर पकड़कर वही रहने का आग्रह करने लगा।तभी देवी लक्ष्मी ने किसान से कहा की कल त्रयोदशी के दिन जो कोई भी अपने घर की साफ़ सफाई कर दीप प्रज्ज्वलित कर उनका आह्वान करेगा तो उनको धन और वैभव की प्राप्ति होगी। तब से ही धनतेरस के दिन माँ लक्ष्मी की पूजा की जाती है।

एक दूसरी पौराणिक कथा के अनुसार सागर मंथन के समय महर्षि धन्वंतरि अमृत कलश लेकर अवतरित हुए थे इसलिए धनतेरस के दिन सभी लोग नए बर्तन खरीदते है। यह भी मान्यता प्रचलित है की धनतेरस के दिन चल या अचल सम्पति खरीदने मात्र से धन में तरह गुणा वृध्दि होती है।

धनतेरस पूजन विधि और शुभ मुहूर्त 

साल 2021 में धनतेरस 2 नवम्बर को मनाया जायेगा। धनतेरस पूजा शुभ मुहूर्त 6 :18 pm से 8 :10 pm तक होगा।

धनतेरस के दिन माँ लक्ष्मी के साथ -साथ संध्या काल में महर्षि धन्वंतरि की पूजा भी की जाती है इन्हे स्वास्थ्य का देवता कहा जाता है। धनतेरस पूजन विधि में शाम के समय यमदेव निमित्त दीपदान किया जाता है जिसके फलस्वरूप उपासक और उसके परिवार को मृत्युदेव यमराज के कोप से सुरक्षा प्राप्त होती है। इस दिन चांदी के बर्तन खरीदना चन्द्रमा का प्रतीक माना जाता है और चन्द्रमा शीतलता प्रदान करता है। इस दिन चांदी के बर्तन खरीदने से घर में यश ,कीर्ति और धन की प्राप्ति होती है। इस दिन शाम को घर के आँगन में दीप प्रज्ज्वलित कर दिवाली का शुभारंम्भ किया जाता है। धनतेरस का दिन व्यापारियों और किसानों के लिए बाहर ख़ास होता है इस दिन ये लोग नए बर्तन और चांदी की वस्तुए खरीदते है और शाम को धामधाम से शाम के समय लक्ष्मी पूजन करते है।

आगे भी पढ़े –

सुबह उठकर करें ये 10 काम जल्दी मिलेगी कामयाबी। 

शंखपुष्पी के फायदे और नुकसान || शंखपुष्पी क्या है।

गिलोय के फायदे और नुकसान | जाने गिलोय खाने का तरीका

Leave a Comment

error: Content is protected !!